Geeta Quotes in Hindi – भगवत गीता के अनमोल विचार

Bhagavad Geeta Quotes in Hindi: जय श्री कृष्णा, गीता मानव जीवन के लिए एक सम्पूर्ण ज्ञान का सागर है। गीता जीवन के बारे मे हमे अच्छी शिक्षा प्रदान करती है। अगर हम गीता के द्वारा बताये गये मार्ग़ पर या भगवान कृष्ण के द्वारा दिये गये कोट्स के रास्ते पर चले तो हमारा जीवन धन्य है। और जीवन का सार और कर्तव्य क्या है। ये सारी चीज़े समझ मे आ जायेंगी। वैसे भगवत गीता के बारे मे सम्पूर्ण कोट्स देने मे अस्मर्थ हू परंतु मै कोशिश करूंगा कि कुछ महत्वपूर्ण गीता से सम्बंधित कोट्स यहा पर इस लेख के जरिये लिख सकू।

Bhagavad Geeta Quotes Hindi

यह शरीर नाशवान है इससे मोह क्या करना।

तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो।

गीता हृदय भगवान का सब ज्ञान का शुभ सार है।
इस शुद्ध गीता ज्ञान से ही चल रहा संसार है।

गीता परमविद्या सनातन सर्व शास्त्र प्रधान है।
यह ब्रह्म रूपी मोक्षकारी नित्य गीता-ज्ञान है।

यह मोह माया कष्टमय, तरना जिसे संसार हो।
वह बैठ गीता नाव में सुख से सहज में पार हो॥

संसार के सब ज्ञान का यह ज्ञानमय भंडार है।
श्रुति, उपनिषद, वेदान्त-ग्रन्थों का परम शुभ सार है ॥

गाते जहां जन नित्य हरिगीता निरन्तर नेम से।
रहते वहां सुख-कन्द नटवर नन्द-नन्दन प्रेम से ॥

गाते जहां जन गीता-गीता प्रेम से धर ध्यान हैं।
तीरथ वहीं भव के सभी शुभ शुद्ध और महान हैं॥

धरते हुए जो ध्यान, गीत-ज्ञान का तन छोड़ते।
लेने उसे माधव मुरारी आप ही उठ दौड़ते ॥

सुनते-सुनाते नित्य जो लाते इसे व्यवहार में।
पाते परम-पद ठोकरें खाते नहीं संसार में॥

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पारस रूप विशेष लोह बने सोना हुए।
गीता-ज्ञान ‘दिनेश’, संसृति सागर सेतु है॥

आत्मा अजर – अमर है ये ना तो कभी जन्म लेती है
ना कभी मृत्यु होती है।

तुम केवल कर्म करो वही तुम्हारे अधीन है
फल की इच्छा मत रखो।

आत्मा को न कोई शस्त्र काट सकता हैं,
न आग उसे जला सकती है,
न पानी उसे भिगो सकता है,
ना उसे कोई पराजित कर सकता है,
न हवा उसे सुखा सकती है।

समय और भाग्य इन दोनो पर कभी अहंकार नही करना चाहिए
क्योकि ये दोनो चीज़े परिवर्तनशील है।

इस संसार मे कोई किसी का नही
कोई किसी का सगा नही
सब अपने – अपने स्वार्थ के लिए है
इसलिए कर्म करो।

जगत के समस्त प्राणियो मे मै ही व्याप्त हू।

क्रोध, वासना और लालच
ये तीनो नरक के द्वार है।

जो जन्म लेता है उसका मरना निश्चित है
इसलिए जन्म मृत्यु के लिए शोक मत करो।

मेरे लिए सभी प्राणी समान है
सभी मुझमे और मै सबमे व्याप्त हूं।

जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाओ।

जिस प्रकार का कर्म मनुष्य करता है
उसको उसका फल भी उसी अनुरूप मिलता है।

अपने आप का आंकलन खुद करो
तुमसे बेहतर तुमको कोई नही जान सकता है।

बिना कारण किसी पर संदेह मत करो
यही तुम्हारी प्रसन्नता खत्म करने का कारण हो सकता है।

भगवत गीता के अनमोल विचार

जिस प्राणी ने जन्म लिया है,
उसकी मृत्यु निश्चित है,
अत: व्यर्थ का शोक मत करो।

बुद्धिमान व्यक्ति को बिना किसी स्वार्थ
के समाज की सेवा करनी चाहिए।

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अज्ञानता से बाहर निकलकर ज्ञान का दीपक जलाओ।

सम्मान हमेशा समय और परिस्थित का होता है।

इस संसार मे स्थिर कुछ भी नही
सब नाशवान है।

इंसान जन्म से नही बल्कि
अपने कर्म से महान बनता है।

अगर नीयत साफ है तो तुम्हारे
सारे काम पूरे हो जायेंगे।

कर्मानुसार फल निश्चित है
इसलिए तुम कर्म के फल
से वंचित नही रह सकते।

निर्णय के समय ज्यादा खुशी और ज्यादा दुखी
दोनो स्थिति आपके लिए अनुकूल नही हो सकती।

काम, क्रोध, मद और लोभ
ये चीज़े नरक का मार्ग खोलती है
इसलिए इनसे सदैव सावधान रहो।

परमात्मा को प्राप्ति के इच्छुक
ब्रम्हचर्य का पालन करते है।

एक ज्ञानवान पुरुष कभी भी
कामुकता की ओर आतुर नही होता।

अपनी संभावनाओं से मुंह मोड़
लेना जीवन की सबसे बडी हार है।

जो जीवन मे सरलता से मिलता रहे
उसका महत्व नहीं रह जाता,
अक्सर खो देने के बाद समय,
व्यक्ति और मूल्य का आभास तभी होता हैं।

अच्छाई और बुराई इंसान के कर्मों में होती है
अच्छे कर्म अच्छा परिणाम।
मेरा – तेरा अपना – पराया छोटा – बडा
सब कुछ मंसे हटा दो फिर सब तुम्हारा
और तुम सबके।

ज्ञानवान पुरुष को कभी घमंड नही करना चाहिए
वह उसके लिए जहर के समान है।

धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए किया
क्रोध पुण्य के समान होता है।

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